अमेरिका: अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हो रही घटनाओं को लेकर 105 अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है। सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने संघीय जांच एजेंसी एफबीआई से इलिनोइस के एक हिंदू मंदिर के बाहर हुई गोलीबारी की कोशिश की हेट क्राइम के तौर पर जांच करने की मांग की है। सांसदों ने यह भी सवाल उठाया है कि हिंदू, सिख और भारतीय-अमेरिकी समुदायों के खिलाफ बढ़ती नफरत और संभावित खतरों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या है इलिनोइस के हिंदू मंदिर का पूरा मामला?
भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में सांसदों ने एफबीआई निदेशक काश पटेल को पत्र लिखा है। यह पत्र 11 अक्टूबर को इलिनोइस के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी यानी बालाजी हिंदू मंदिर के बाहर हुई गोलीबारी की कोशिश से जुड़ा है। घटना के समय सांसद राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार भी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस ने मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल में खराबी आ गई। इसके बाद वह मौके से भाग गया। पुलिस ने एक सहकर्मी से मिली सूचना के आधार पर उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के पास से हथियार और नफरत फैलाने वाली सामग्री बरामद
मामले में आरोपी के पास से एक राइफल, सैकड़ों कारतूस, शरीर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाला कवच, श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से जुड़ा घोषणापत्र और नफरत फैलाने वाली सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, बरामद सामग्री में हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने का उल्लेख था।
इस घटना के बाद सांसदों ने एफबीआई से पूछा है कि क्या जांच में नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रह के पहलुओं को शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि क्या इस कथित साजिश के पीछे किसी ऑनलाइन मंच या अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है। सांसदों ने एजेंसी से 29 अक्टूबर तक लिखित जवाब देने को कहा है।
दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत पर चिंता
सांसदों ने अपने पत्र में सोशल मीडिया पर दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ बढ़ती नफरत का मुद्दा भी उठाया है। पत्र में उद्धृत एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सोशल मीडिया मंच एक्स पर दक्षिण एशियाई विरोधी 5,42,000 से अधिक नफरत भरी पोस्ट दर्ज की गईं।
रिपोर्ट में नस्लीय भेदभाव को लेकर क्या कहा गया?
कार्नेगी एंडोमेंट की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने कहा कि 2025 की शुरुआत से उन्हें नस्लीय टिप्पणियों या पोस्ट का सामना करना पड़ा है। वहीं, हर चार में से एक व्यक्ति ने बताया कि उसने अपने खिलाफ नस्लीय टिप्पणी सुनी है।
सांसदों की मांग है कि मंदिर पर गोलीबारी की कोशिश की जांच में संभावित धार्मिक और नस्लीय नफरत के पहलुओं को गंभीरता से देखा जाए। साथ ही, दक्षिण एशियाई समुदायों की सुरक्षा और उनके खिलाफ बढ़ते ऑनलाइन नफरत भरे प्रचार से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी जाए।
